
कुष्ठ से मुक्ति के लिये चिकित्सक अपना योगदान दें – डॉ. जुगतावत
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चिकित्सा अधिकारियों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम संपन्न
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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कार्यशाला का आयोजन किया गया । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत ने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुँचने में चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के माध्यम से जिले में कुष्ठ मुक्ति की दिशा में जो प्रयास किये जा रहे हैं, उसमें सभी चिकित्सक अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि ऐसे लक्ष्य सामुहिक प्रयासों से ही हासिल किये जा सकते हैं।
कार्यशाला में जिले में पदस्थ सभी पेथियों के चिकित्सा अधिकारियों ने हिस्सा लिया। डॉ. जुगतावत ने कहा कि चिकित्सकों के कंधों पर जन स्वास्थ्य की बड़ी जिम्मेदारी है। हमें अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़ी विभाग की सभी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभानी है, चिकित्सक अपना दायित्व निष्ठा और इमानदारी से निभाऐं। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. पर्व तिवारी ने चिकित्सा अधिकारियों को कुष्ठ रोग के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया। ऑडियो-वीडियो के माध्यम से कुष्ठ रोग की पहचान, निदान और उपचार, इससे होने वाली जटिलताओं उनके समाधान सहित सभी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए आव्हान किया कि वे अपने कार्य के दौरान छिपे हुए कुष्ठ रोगियों की पहचान कर उन्हें एम.डी.टी. उपचार का लाभ दिलाऐं। इससे हम कुष्ठ मुक्ति के लक्ष्य के और नजदीक पहुँच सकेंगे। कुष्ठ रोग का उपचार सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रश्मि कौशल सहित चिकित्सकगण उपस्थित रहे।